Uncategorized

शासन की घोर लापरवाही शिकायत करने के बाद भी नहीं उठी धान की बोरी… पढ़िए पूरा मामला…-

@बलरामपुर//पंचायत समीक्षा।।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित  सोसायटियों में धान तो खरीदी करा दिया गया है लेकिन धान खरीदी किए काफी दिन बीत जाने के बावजूद भी उठाव नहीं किया जा रहा है। जिससे धान समितियों में उठाओ ना किए जाने से धान काफी नुकसान होता नजर आ रहा है। धान की क्षति कई तरह से हो रहा है। जिसमें धान की खरीद के समय धान में कुछ परसेंट नमी की मात्रा रह गई थी। वह नमी अब धूप की वजह से काफी सुख गई है। जिसका खामियाजा कमी की भरपाई समितियों के उत्तरदायित्व अधिकारियों कर्मचारियों पर पड़ रहा है। बोरों में भरा हुआ धान काफी सुख जाने से प्रत्येक बोरों में औसतन भार से कमी पाई जा रही है। जिसका खामियाजा समिति सोसाइटी के स्टॉप पर बीत रहा है।
सेवा सहकारी समिति मर्यादित सरना बलरामपुर

पंचायत समीक्षा

बलरामपुर जिले के सरना में आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित सरना में काफी मात्रा में धान नुकसान हो रहा है। धान उठाओ के लिए बलरामपुर जिले के कई समितियों ने जहां-जहां का धान उठाओ नहीं हो पाया है। धान को उठाओ कराने में एड़ी चोटी एक कर दे रहे हैं फिर भी धान का उठाव होने में विलंब हो रहा है। धान उठाओ कराने के लिए अर्थात धान को सुरक्षित जगह गोदामों में भिजवाने के लिए धान समितियों के जिम्मेदार व्यक्तियों ने अपने स्टाप सहित भरपूर प्रयास करते हुए बलरामपुर जिले के कलेक्टर साहब को अवगत कराया गया है। उन लोगों का मानना है कि अब धाम जल्द से जल्द उठाओ हो जाएगा परंतु फिर भी लेटलतीफी का अंदेशा झेलने को मजबूर हैं।

पंचायत समीक्षा
प्रथम दृष्टया तो धान के बोरों को चूहों द्वारा काट काट कर धान को खा जा रहे हैं। जिससे धान के बोरे से धान जितना तो चूहे खाते नहीं हैं। उससे कहीं ज्यादा धान जमीन पर गिरकर क्षत-विक्षत नजर आ रहा है। जिससे धान काफी मात्रा में नष्ट हो जा रहा है।
कई धान से भरी बोरी फटकर जमीन पर गिरा हुआ पड़ा है। देखिए धान की स्थिति

पंचायत समीक्षा
विडंबना की बात यह है कि शासन द्वारा काफी मात्रा में धान समितियों में पड़ा है पहले तो धान सूख कर नष्ट हो गया। अब धान पानी से सड़क नष्ट होने की कगार पर पहुंच गया है आसमान में बादल छाए हुए हैं इंद्र भगवान का कब छाया पलट जाए कुछ कहा नहीं जा सकता है अर्थात मौसम आसमान में बादल छाए हुए हैं पानी कब गिर जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। प्रतिनिधि का तो यह आसमान में मंडरा रहे बादलों को देखकर नम आंखें हो जा रही हैं। किसान का धान कितना मेहनत से उत्पादन करता है वह धान की स्थिति किस तरह से हो रही है। हालांकि किसानों ने धान को अपने रिकॉर्ड में कर लिया है चाहे जान भले ही सड़ जाए किसान को इसकी परवाह नहीं है। इसकी पर वास्तु छत्तीसगढ़ शासन को करना चाहिए वह शासन में स्तर दर स्तर अधिकारियों की मौजूदगी रखती है उनको यह निर्वहन करना चाहिए परंतु आज तक ऐसा दिखाई नहीं दे रहा है। कलेक्टर द्वारा शिकायत दिया गया कॉपी में स्पष्ट तौर पर लिखा हुआ है कि धान का उठा जल्द से जल्द किया जाए बलरामपुर जिले के संभवतः कई समितियों में धान क्षत-विक्षत नष्ट होते नजर आ रहे हैं। सूरजपुर जिले के भी कई समितियों में धान अभी भी उठाओ नहीं हो पाए हैं। धान के ना उठाने से थान अब पानी गिरने से काफी मात्रा में चावल की गुणवत्ता खराब होने की संभावना है। सरना ग्राम पंचायत के गुलाब सिंह धुर्वे ने अपने शिकायत जो कलेक्टर को दिया गया है। क्या शिकायत दिखाते हुए उन्होंने यह भी कहा कि कितने लोगों ने मीडिया में बोल चुके हैं कोई असर नहीं पड़ा है हालांकि कैमरे के सामने बोलने से इंकार कर दिए। उनका साफ तौर पर कहना यह है कि न्यूज़ छाप दिया जाए जिससे शासन प्रशासन का ध्यान धान नष्ट होने से बच जाए और हम लोगों पर कई तरह का धान सूख जाने का जो आरोप लग रहा है वह समाप्त हो जाए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button