पंचायत समीक्षा

सूरजपुर : रोजगार सहायक द्वारा भ्रष्टाचार… पर जनपद सीईओ के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं।

छत्तीसगढ़ सरगुजा संभाग सूरजपुर

ओडगी।।जिले के जनपद पंचायत ओडगी अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बेदमी में रोजगार सहायक संजय जायसवाल के द्वारा लाखों रूपये का फर्जी मास्टर रोल भर कर भ्रष्टाचार करने का आरोप ग्राम पंचायत क्षेत्र के हितग्राहीयो एवं ग्रामीणो द्वारा लगाया गया है ।

ग्रामीणों का कहना है कि जनपद सीईओ द्वारा भ्रष्टाचार करने वाले कर्मचारियों पर पुरा संरक्षण है। जिससे पंचायत में पदस्थ रोजगार सहायक के द्वारा एक के बाद एक भ्रष्टाचार किया जा रहा है । उन्होंने कहां कि जांच सिध्द होने के बाद भी जनपद सीईओ के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई । इसके बाद फिर से रोजगार सहायक लगातार भ्रष्टाचार की राह पर चलना शुरू कर दिया और इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को होने के बाद भी न तो उस पर कार्यवाही की जा रही है और न ही उसके ऊपर किसी प्रकार की आंच आने दी जाती है। इससे साफ साफ जाहिर हो रहा है कि ग्रामीणों द्वारा लगाए जा रहे आरोप सही साबित हो रहे है।

मामला ओडगी जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत बेदमी मे पदस्थ आदतन भ्रष्टाचारी रोजगार सहायक का जो हमेशा भ्रष्टाचार की राह पर चलता है और हमेशा नये नये कारनामे से जाना जाता है जिसके ऊपर कई भ्रष्टाचार के आरोप लगे और हर बार आरोप सिद्ध होने के बाद भी विभागीय अधिकारियों का संरक्षण से आज तक इसके ऊपर कोई आंच नहीं आयी।

जिसके ऊपर पूर्व में मिट्टी मुरूम रोड निर्माण मे फर्जी बिल वाउचर लगाने का आरोप हो चाहे वर्ष 2016-17 में केन्द्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास निर्माण योजना के तहत स्वीकृत हितग्राही मुलक कार्यो में हितग्राहीयो पर दबाव बनाते हुए घटिया आवास निर्माण खुद कराने और पैसा हस्तांतरित कराने का आरोप हो इन सब शिकायतों मे आरोप सिद्ध होने के बाद भी विभागीय अधिकारी एवं जनपद सीईओ के संरक्षण के कारण इस पर कोई कार्यवाही नहीं किया गया। जिसके कारण इस भ्रष्टाचारी रोजगार सहायक का एक ओर मनोबल बढा हुआ है वहीं आये दिन भ्रष्टाचार की नयी नयी इबारत लिख ग्रामीणों को ञस्त कर रहा है।

वहीं वर्तमान में एक और मामला प्रकाश में आया है जिसमे इस रोजगार सहायक के खिलाफ एक हितग्राही मुलक योजना के हितग्राही ने जनपद सीईओ से लेकर उच्चअधिकारियों के नाम जनपद सीईओ को आवेदन देकर रोजगार सहायक के द्वारा हितग्राही के निजी भूमि मे स्वीकृत 30-40 के कार्य मे तीन सप्ताह कार्य करा कर बंद करा देने और वहीं फर्जी हाजरी भर कर और चार सप्ताह का फर्जी मास्टर रोल जमा करने का आरोप लगाते हुए जांच कराते हुए कार्यवाही की मांग की थी।

जिसपर जनपद सीईओ के द्वारा अपने अधीनस्थ कर्मचारी कार्यक्रम अधिकारी महेंद्र कुशवाहा एसडीओ आरईएस सुरेन्द्र पैकरा पंचायत इंस्पेक्टर रविन्द्र पाण्डेय को जांच का जिम्मा देते हुए दिनांक 16/3/2021 को ग्राम पंचायत बेदमी भेजा गया। जहाँ जांच अधिकारीयों के द्वारा हितग्राही अजीलाल पिता तांतू के निजी भूमि मे हुए 30-40 के कार्य की जांच की गयी वहीं हितग्राहीयो एवं मजदूरो से उनका बयान लिया गया जबकि कई मजदूरो का जांच अधिकारीयों के द्वारा बिना काम किये हाजरी भराये मजदूरो का बयान दर्ज नहीं किया गया।

जिससे साफ नजर आता है कि यह अधिकारी वास्तव में जांच करने के उद्देश्य से गये थे या रोजगार सहायक पर कोई आंच ना आये इस उद्देश्य से जांच करने पहुंचे थे। अब देखना यह होगा कि क्या इस बार यह रोजगार सहायक के उपर कोई कार्यवाही होगी या फिर पूर्व की भांति अधिकारियों की संरक्षण मे इसे बचा दिया जायेगा।

क्या उद्देश्य है अधिकारियों का

इस रोजगार सहायक के ऊपर कार्यवाई करने के बजाये इस भ्रष्टाचारी रोजगार सहायक को बार बार बचा दिया जाता है वहीं अब तक जांच अधिकारी क्या जांच किये इसका अब तक पांच दिन बाद भी राज क्यो नही खोल रहे है यह अब भी संदेह के दायरे में है। अधिकारीयों का आखिर क्या है उद्देश्य जांच के नाम पर खाना पूर्ति करने की तैयारी तो नहीं है।

30-40 के हितग्राही का क्या है कहना

जिस हितग्राही की शिकायत पर जांच टीम जांच करने पहुंची उसके द्वारा बताया गया कि अधिकारीयो के सामने मैने हाथ जोडकर बताया कि साहब मेरे भूमि मे 30-40 के तहत तीन सप्ताह काम चला है जबकि रोजगार सहायक के द्वारा अलग से चार सप्ताह का फर्जी मास्टर रोल निकलवा कर हाजरी भरा गया है जबकि उसके द्वारा हमलोगों के नाम से भी फर्जी हाजरी भर कर मास्टर रोल निकलवाया गया है जिसमे हमलोग अधिकारियों के सामने भी साफ बताया कि मै और मेरे परिवार के सदस्य सिर्फ तीन सप्ताह ही काम किये है हमें फर्जी हाजरी नहीं चाहिए मुझे मेरे खेत मे 30-40 का काम चाहिए साहब। वहीं रोजगार सहायक के द्वारा यह बोल कर काम बंद करा दिया गया था कि जितना पैसा आया था उतना का काम हो गया है । फिर फर्जीमास्टर रोल कहां से निकला।

रोजगार सहायक की कोई साठगांठ तो नहीं

हमेशा भ्रष्टाचार के आरोप मे कई शिकायते कई जांच और फिर वहीं राह पर चलने वाले इस रोजगार सहायक को किसी उच्च अधिकारी का संरक्षण तो प्राप्त नहीं है कि इसकी हर शिकायतों मे आरोप सिद्ध होने के बाद भी कोई कार्यवाही नही होती इसके ऊपर या फिर इसे खुली छूट दे कर तो नही रखी जाती है ।

इस संबंध में कार्यक्रम अधिकारी महेन्द्र कुशवाहा से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस बार नही बख्शा जायेगा इस रोजगार सहायक का हमेशा का आदत हो गया है।

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