CG मौसम अलर्ट :- आगामी 24 घंटों के लिए छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी, इन जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी, बिजली गिरने की भी संभावना तेज़

रायपुर। मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। 24 घंटो के लिए मौसम विभाग द्वारा भारी वर्षा हेतु ऑरेंज और एलो अलर्ट जारी किया गया है। ऑरेंज अलर्ट अनुसार प्रदेश के सरगुजा तथा बिलासपुर संभागों में एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ भारी से अति भारी वर्षा तथा वज्रपात होने की संभावना है। येलो अलर्ट अनुसार प्रदेश के रायपुर तथा दुर्ग संभागों मे एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ भारी वर्षा तथा वज्रपात होने की संभावना है।

एक निम्न दाब का क्षेत्र उत्तर छत्तीसगढ़ और उसके आसपास स्थित है, इसके साथ ऊपर ही हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। मानसून द्रोणिका जैसलमेर, कोटा, गुना, निम्न दाब का क्षेत्र, झारसुगड़ा, पूरी और उसके बाद दक्षिण-पूर्व की ओर पूर्व- मध्य बंगाल की खाड़ी तक 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। प्रदेश में आज दिनांक 5 जुलाई को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। 

प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ वज्रपात होने तथा भारी वर्षा होने की संभावना है। राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2022 से अब तक राज्य में 179.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिलें में सर्वाधिक 280.9 मिमी और बलरामपुर जिले में सबसे कम 105.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है

मानसून के दौरान भारी वर्षा और आसमानी बिजली की संभावना बनी रहती है। मौसम विज्ञान केन्द्र रायपुर और राज्य शासन के आपदा एवं प्रबंधन विभाग द्वारा भारी वर्षा एवं आसमानी बिजली (वज्रपात) के प्रभावों की जानकारी एवं इससे बचाव के उपाय जन सामान्य की जानकारी के लिए जारी किए गए हैं। आकाशीय बिजली गिरने और अत्याधिक वर्षा के प्रभावों की जानकारी जनसामान्य को दी गई है कि घास-फूस की झोपड़ियों और एस्टेबटस की छत वाले घरों और कारों को नुकसान हो सकता है, छत के टॉप उड़ सकते है।

अधूरे बंधे धातु की चादरें उड़ सकती है। पेड़ की शाखाओं के टूटने से बिजली और संचार लाइनों को नुकसान पहुंच सकता है तथा खड़ी फसलों को भी नुकसान होता है। बिजली जमीन पर गिरती है। अत्याधिक गरज-चमक के बाद संबद्ध वर्षा के कारण नदी-नालों में अचानक बाढ़ आती है। मौसम वैज्ञनिकों ने आम-जनों को बिजली चमकने एवं बादलों की गर्जना के संबंध में सुझाव दिए है कि अलग-थलग पड़े पेड़ों के नीचे आश्रय न लें। तालाबों, झीलों और बाहरी पानी वाले क्षेत्र (जैसे धान की रोपाई) से तुरंत बाहर निकलें और दूर रहें।

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