BREAKING रेल इंजन शंटिंग के दौरान पॉइंट मैन की धक्का लगने से मौत

स्थानीय रेलवे जंक्शन स्थित लोको शेड में रविवार को शंटिग के दौरान रेल इंजन के धक्का लगने से एक कर्मी की मौत हो गई। रेल अधिकारियो की लापरवाही को लेकर रेलकर्मी आक्रोशित हो उठे।घटना के संबंध मे बताया गया कि पूर्व से लगी एक इंजन में दूसरे इंजन के सहारे 2 रेल कोच को जोड़ा जाना था। जिनमें एक पावर कार थी। दूसरा जनरल कोच था। जिसे लेकर एक इंजन से चालक करणजीत कुमार लोको शेड पहुंचे।जबकि दूसरे इंजन पर वरुण कुमार मौजूद थे।रविवार की शाम स्थानीय आउटडोर स्टेशन अधीक्षक सुनील कुमार चौहान के दबाव पर मात्र 3 पॉइंट मैन को ही इंजन की संटिंग करने के लिए लोको सेड जाना पड़ा। जिनमें पॉइंट मैन घनश्याम मंडल इंजन पर खड़े थे।

दूसरा पॉइंट मैन टिंकू कुमार ट्रेन को पीछे जाने का इशारा कर रहे थे।जबकि तीसरे पॉइंट मैन रजनीश कुमार झा इंजन के पीछे और दोनों कोच के बीच में थे। वे कोच के बीच के लोहे की रॉड को उठा कर दूसरे इंजन से जोड़ने के लिए तैनात थे। इस दौरान इंजन सही तरीके से पीछे आ रही है या नहीं इसे देखने के लिए कोई पॉइंट मैन मौजूद नहीं था।रजनीश खुद चालक को पीछे आने का इशारा देकर संटिंग करने के लिए दोनों कोच के बीच पहुंच गए। लेकिन इस दौरान इंजन सही तरीके से बैक नहीं हुई। जिस कारण इंजन से जोड़दार धक्का लगा और वे दोनों कोच के बीच फंस गए। चूंकि चालक को इशारा देने वाला कोई चौथा पॉइंट मैन मौके पर मौजूद नहीं था। जिस कारण चालक इंजन को थोड़ी और पीछे कर दिया। जिससे वह दोनों कोच के बीच में दब गए। उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

बताया जाता है कि मुजफ्फरपुर जिले के औराही थाना के शाहीन मीनापुर पंचायत के बरैठा गांव के खेतलपुर टोला निवासी गंगाधर झा सबसे बड़ा पुत्र रजनीश कुमार झा था। जिनकी नियुक्ति अगस्त 2019 में सहरसा रेलवे जंक्शन पर पॉइंटमैन के पद पर हुई थी।उसके दो छोटा भाई अभी पढ़ाई कर रहे हैं। रजनीश के पिता ग्रामीण किसान हैं। ऐसे में वे परिवार का एकमात्र सहारा थामौके पर मौजूद पॉइंटमैन घनश्याम मंडल ने बताया कि वे पावर (इंजन) पर थे। दो कोच को पूर्व से खड़े इंजन में जोड़ना था। दूसरा पॉइंट मैन टिंकू कुमार को रजनीश ने पावर को काटने को कहा और वे खुद पीछे जाकर कोच को जोड़ने लग गए। इसी दौरान ट्रेन पकड़ में नहीं आया। उसका पॉइंट नहीं जुटा। पॉइंट जुटने के बदले उन्हें ही ठोकर लग गई। जिससे वे गिर गए। चूंकि वहां पर कोई और मौजूद नहीं था। इसीलिए कोई इंजन को रोकने का इशारा नहीं किया। जिससे इंजन और बैक हो गई। जिससे उनकी मौत हो गई।

समस्तीपुर डिवीजन के डीआरएम आलोक अग्रवाल ने बताया कि जब इंजन शंटिंग कराया जाता है।तो सेफ्टी का पूरा ध्यान रखा जाता है।फिर भी घटना की पूरी जानकारी ली जाएगी।अगर कोई कमी रही तो उसे दूर कराया जाएगा। डीआरएम ने मृतक के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त कर परिजन को रेलवे की ओर से जो भी सहूलियत होगी।जल्दी ही दी जाएगी।

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