Cg breaking: महिला स्व सहायता समूह द्वारा तैयार की गई गोबर से बनी पेंट की बाजारों में धूम

रायपुर। अभी तक आपने गोबर का उपयोग खाद बनाने के लिए करते हुए सुना होगा, या फिर कंडा के रूप में आग जलाने के लिए या विद्युत बनाने के लिए। लेकिन क्या आपने गोबर की पेंट के बारे में सुना है? जी हां छत्तीसगढ़ सरकार गोबर से बने पेंट को सराहते हुए प्रदेश के सभी स्कूलों को गोबर के पेंट से पुताई करने के निर्देश दिया है। गोबर से पेंट बनाने कि यह अनोखी शुरुआत है। जिसे मुख्यमंत्री बघेल ने भी खूब सराहा है, बाजारों में इसकी मांग की जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है।

प्रदेश सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं में से एक ‘गोधन न्याय योजना’ एक बार फिर सबकी ध्यान अपनी और खींचा है। 20 जुलाई 2020 में भूपेश सरकार ने इस योजना की शुरुआत किया था। पहले गोबर से वर्मी कंपोस्ट खाद बनाया गया फिर बिजली उत्पादन में भी इसका उपयोग किया जाने लगा और अब गोबर से पेंट बना कर एक नया कीर्तिमान रचा है। महिला स्व सहायता समूह द्वारा कुछ दिन पहले रूरल इंडस्ट्रियल पार्क में स्टाल लगाकर प्रदर्शनी किया था जिसमें मुख्यमंत्री बघेल ने भी शामिल हुए थे, इसी दौरान उन्होंने इसकी जानकारी ली थी।

मुख्यमंत्री बघेल ने महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं की रोजगार में बढ़ोतरी और आर्थिक आय में मदद के लिए गोबर से बने पेंट को प्रदेश के सभी स्कूलों में पुताई करने के लिए निर्देश दिया है। इनसे लोगों में इस पेंट के प्रति जागरूकता बढ़ा हैं।

बाजार से कम दामों में उपलब्ध

गोबर से बने पेंट की मांग बाजारों में अचानक से बढ़ गई है, इस पेंट की खास बात यह है की यह अन्य पेंट के समान ही है और इसकी दाम केमिकल पेंट के मुकाबले काफी कम है, जिस वजह से लोगों में पेंट को खरीदारी करने की जबरदस्त क्रेज दिखाई दे रहा है।

नेचुरल पद्धति से बनाया गया है

अगर आप सोच रहे हैं कि इस पेंट से तो गोबर की बदबू आती होगी? तो बता दें कि ये पेंट पूरी तरह से प्राकृतिक तरीके से बना है. गोबर को पहले मशीन में पानी के साथ अच्छे से मिलाया जाता है, फिर इस मिले हुए घोल से गोबर के फाइबर और तरल को डी-वाटरिंग मशीन के मदद से अलग किया जाता है. इस तरल को 100 डिग्री सेल्सियस में गरम करके उसका अर्क बनता है. जिसे पेंट के बेस की तरह इस्तेमाल किया जाता है. इसके बाद इसे प्रोसेस कर पेंट तैयार होता है. 100 किलो गोबर से लगभग 10 किलो सूखा सीएमसी (CMC) तैयार होता है. कुल निर्मित पेंट में 30 फीसदी मात्रा सीएमसी की होती है.

जानिए इसके फायदे

बाजार में सैकड़ों प्रकार के केमिकल युक्त पेंट उपलब्ध है यह पेंट कई प्रकार के केमिकलों से बना होता है, जो आपके लिए हानिकारक हो सकते हैं। लेकिन गोबर से बने यह पेंट को पूरी तरह से नेचुरली बनाया गया है। इसके अलावा यह एंटीवायरस, एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल है जो आपको कई प्रकार के बीमारियों से बचा सकता है। इसके अलावा इस पेंट में बेहद अनोखी सुगंध है जो आपको काफी सुकून देगा।

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