मौसम अलर्ट – तूफान ने 35 लोगों की जान ली.. अभी भी कहर जारी रहेगा.. देंखे

बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात सितरंग का असर अब दिखने लगा है. चक्रवात सितरंग ने बांग्लादेश में दस्तक दे दी है और यह देर रात देश के दक्षिण-पश्चिमी तट से टकराया. बांग्लादेश में साइक्लोन सितरंग के लैंडफॉल की वजह से 35 लोगों की मौत हो गई. आपदा मंत्रालय के नियंत्रण कक्ष के प्रवक्ता के हवाले से एएफपी ने बताया कि बरगुना, नरैल, सिराजगंज जिलों और भोला के द्वीप जिले में कम से कम पांच लोग मारे गए. भारतीय मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि चक्रवाती तूफान सितरंग 24 अक्तूबर को रात 11.30 बजे ढाका से लगभग 40 किमी पूर्व में तटीय बांग्लादेश की ओर केंद्रित रहा. इसके उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने और अगले 6 घंटों के दौरान कमजोर पड़ने और बाद के 6 घंटों के दौरान अच्छी तरह से चिह्नित किए गए निम्न दबाव क्षेत्र में कमजोर होने की संभावना है. इससे पहले बांग्लादेश में सोमवार को 2.19 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. आपता प्रबंधन ने पहले ही अपडेट दे दिया था कि रात में यह दक्षिण-पश्चिमी तट पर दस्तक दे सकता है. आपदा प्रबंधन मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद मोनिरुज्जमां ने कहा था कि बांग्लादेशी अधिकारियों ने 6,925 आश्रय केंद्रों को तैयार रखा है, जहां चक्रवात के खतरों से प्रभावित व्यक्ति शरण ले सकेंगे. चक्रवता सितरंग की वजह से दक्षिण-पश्चिमी तटीय जिलों में पहले से ही चक्रवात का प्रभाव दिखाई देने लगा है, जबकि ढाका सहित देश के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने सोमवार शाम को जारी अपने ताजा निर्देश में पायरा, मोंगला और चटगांव के बंदरगाहों को खतरे का संकेत देने के लिए कहा और कॉक्स बाजार बंदरगाह को 10 के पैमाने पर खतरे के संकेत संख्या 6 को बनाए रखने की सलाह दी. मौसम कार्यालय ने चेतावनी दी कि दक्षिण-पश्चिमी पतुआखाली, भोला, बरगुना और झलकाथी को तूफान से सबसे ज्यादा नुकसान होने की आशंका है, जबकि रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने सरकारी एजेंसियों के साथ हजारों स्वयंसेवकों को जुटाया है

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