ब्रेकिंग – इस जिले में फुल्की चाट पर लगा प्रतिबंध: प्रशासन से रोक हटाने की लगाई गुहार

मंडला। मध्यप्रदेश के आदिवासी जिले मंडला में फुल्की चाट के व्यापार पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिससे दिवाली के त्योहार पर व्यापारियों का धंधा चौपट हो गया। वहीं अब फुल्की चाट का व्यापार करने वाले जिला प्रशासन से रोक हटाने की गुहार लगा रहे है।

पूरा मामला जिले के नारायणगंज ब्लॉक का है। जहां 22 और 23 अक्टूबर को फूड पॉइजनिंग का मामला सामने आने से जिला प्रशासन के होश उड़ गए थे। यहां लगभग 6 गांवो के 80 से ज्यादा ग्रामीण बच्चे महिलाएं और पुरुष फुल्की खाने से उल्टी दस्त का शिकार हुए थे। जिसके बाद आनन फानन में नारायणगंज स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया और कुछ को मंडला जिला अस्पताल रेफर किया गया था।

जिसके बाद जिला कलेक्टर हर्षिका सिंह ने न सिर्फ फूड पॉइजन का शिकार हुए ग्रामीणों का हाल चाल जाना बल्कि फुल्की चाट वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाया और मामले में जांच होने तक पूरे जिले प्रतिबंध लगा दिया गया

वहीं नगर सहित जिले में दिवाली त्योहार के दौरान फुल्की चाट का धंधा करने वाले व्यापारियों कि शासकीय आदेश ने आर्थिक कमर तोड़ दी। सभी फुल्की चाट के व्यापारियों की दुकान में सन्नाटा पसरा हुआ है। व्यापारियों ने आदेश पर रोक हटाने और जांच में सहयोग करने को लेकर जिला प्रशासन से गुहार लगाई है। इधर फुल्की चाट खाने के शौकीन नगर में भटक रहे है, लेकिन स्वाद नहीं मिल रहा है

इस पूरे मामले में अपर कलेक्टर मीना मसराम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आगामी आदेश तक फुल्की चाट पर प्रतिबंध रहेगा। आवश्यकता अनुसार हाथ ठेला वालों का प्रशिक्षण कर रजिट्रेशन किया जाएगा। निर्देशों के साथ ही चाट फुल्की चलाने के लिए परमिशन देंगे।

उन्होंने बताया कि जिन दुकानों से फुल्की चाट व्यापारी सामग्री खरीदते थे उनकी भी जांच की जा रही है। मामले में दो लोगों पर FIR दर्ज की गई है। जिसमें एक नारायणगंज और एक मंडला का व्यक्ति है। वहीं फूड पॉइजनिंग के मामले में खाद्य विभाग के तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनमें वंदना ठागले, गीता तांडेकर और मंडला सीएमएचओ शामिल है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

16 − four =