EPFO – खुशखबरी से हुई महीने की शुरुआत, Pension स्कीम में हुआ बड़ा बदलाव, अब जल्दी निकाल सकेंगे पैसे

नई दिल्ली। EPFO New Rule : महीने की पहली तारीख को कई सारे नियमों में बदलाव किया जाता है। आज गैस-सिलेंडर और कई तरह की योजनाओं के नियमों में बदलाव किया जाता है। ये ऐसे बदलाव होते हैं जिनका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ता है। इसी कड़ी में आज यानी 1 नवंबर को EPFO के कुछ नियमों में भी बदलाव किया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी (EPFO) ने पेंशन स्कीम में एक बड़ा बदलाव किया है। ये बदलाव करोड़ों सब्सक्राइबर्स को राहत देने वाला है। बताया जा रहा है कि रिटायरमेंट बॉडी फंड ने 6 महीने से भी कम समय में रिटायर होने वाले अपने सब्सक्राइबर्स को कर्मचारी पेंशन योजना (Employee’s Pension Scheme 1995) ईपीएस-95 के तहत जमा राशि निकालने की अनुमति दे दी है।

बैठक के बाद लिया फैसला

बता दें पीटीआई के मुताबिक सेवानिवृत्ति कोष निकाय ईपीएफओ ने छह महीने से भी कम समय में सेवानिवृत्त होने वाले अपने अंशधारकों को कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (ईपीएस-95) के तहत जमा राशि निकालने की सोमवार को अनुमति दे दी

फिलहाल कर्मचारी भविष्य निधि कोष (ईपीएफओ) ग्राहकों को छह महीने से कम सेवा बाकी रहने पर अपने कर्मचारी भविष्य निधि खाते में ही जमा राशि की निकासी की अनुमति मिली हुई है। ईपीएफओ के शीर्ष निकाय केंद्रीय न्यासी मंडल (सीबीटी) की सोमवार को संपन्न 232वीं बैठक में सरकार को अनुशंसा की गई कि ईपीएस-95 योजना में कुछ संशोधन कर सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके अंशदाताओं को पेंशन कोष में जमा राशि निकालने की अनुमति दी जाए।

ज्यादा पेंशन पाने में मिलेगी मदद

EPFO New Rule : श्रम मंत्रालय के बयान के मुताबिक, सीबीटी ने सरकार से सिफारिश की है कि छह महीने से भी कम सेवा अवधि वाले सदस्यों को अपने ईपीएस खाते से निकासी की सुविधा दी जाए। इसके अलावा न्यासी मंडल ने 34 वर्षों से अधिक समय से इस योजना का हिस्सा रहे सदस्यों को आनुपातिक पेंशन लाभ देने की भी अनुशंसा की है। इस सुविधा से पेंशनधारकों को सेवानिवृत्ति लाभ के निर्धारण के वक्त ज्यादा पेंशन पाने में मदद मिलेगी।

श्रम मंत्रालय ने कहा कि ईपीएफओ के न्यासी मंडल ने एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) यूनिट में निवेश के लिए एक विमोचन नीति को भी मंजूरी दी है। इसके अलावा वित्त वर्ष 2021-22 के लिए ईपीएफओ के कामकाज पर तैयार 69वीं वार्षिक रिपोर्ट को भी स्वीकृति दी गई जिसे संसद में पेश किया जाएगा।

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