50 पंचायत प्रतिनिधियों को नोटिस, देंखे क्यों?

रायपुर।।जिला मुख्यालय से 125 किमी दूर स्थित मानपुर ब्लॉक में जनप्रतिनिधियों को जान बचाने के लिए घर छोड़ने का अजीब नोटिस पुलिस ने जारी किया है। यह नोटिस मानपुर थाना प्रभारी की ओर से जारी किया गया है। इसमें जनप्रतिनिधियों व परिजनों को सुरक्षित स्थान या रिश्तेदारों के घर चले जाने कहा गया है। नोटिस में बताया गया है कि इलाके के लगभग सभी जनप्रतिनिधि नक्सलियों के टारगेट में हैं।

कभी भी नक्सली इनके साथ किसी भी तरह की अप्रिय घटना को अंजाम दे सकते हैं। जिला पुलिस की टीम मानपुर, कोहका, मदनवाड़ा और सीतागांव थाने के माध्यम से यह नोटिस करीब 50 पंचायत प्रतिनिधियों तक पहुंचा चुकी है। लगातार नोटिस भेजने का काम अब भी जारी है। पुलिस के खुफिया तंत्र को जो इनपुट मिला है, उसमें नक्सलियों द्वारा लगातार जनप्रतिनिधियों को टारगेट करने का खुलासा हुआ है।

इसके पहले भी दिसंबर में नक्सलियों ने एक पत्र सार्वजनिक किया था, जिसमें करीब 40 लोगों को पुलिस का मुखबीर होना बताकर उनसे बदला लेने की धमकी दी थी। इसके बाद से इलाके में लगातार नक्सलियों की हरकत जारी है। मानपुर इलाके में नक्सलियों ने जनवरी में चार ग्रामीणों की हत्या कर दी थी। इनमें से तीन जनप्रतिनिधियों के परिजन थे।

इनमें एक पूर्व सरपंच व वर्तमान महिला सरपंच के पति, दूसरा महिला उपसरपंच का पति और तीसरा ग्रामीण महिला सरपंच के ससुर थे। नक्सलियों ने इनकी आधी रात पीट-पीटकर हत्या कर दी। वहीं मौके पर पर्चे फेंके जिसमें इन्हें पुलिस का मुखबीर बताया।

लेकिन तब जागरुक ग्रामीणों ने नक्सलियों की धमकी की अनदेखी की और चुनाव जीतकर लोकतांत्रिक ढंग से पदों पर पहुंचे। इससे नक्सली बौखला गए हैं। इसी के चलते लगातार पंचायत प्रतिनिधियों पर पुलिस का मुखबीर होने का आरोप लगाकर उन्हें टारगेट किया जा रहा है।

जानिए क्या लिखा है पुलिस ने अपने नोटिस में

आपको इस नोटिस के जरिए सूचित किया जाता है कि मानपुर क्षेत्र में हाल के दिनों में प्रतिबंधित भाकपा माओवादी के सदस्यों द्वारा क्षेत्र के जनप्रतनिधियों/ आदिवासी ग्रामीणों को पुलिस मुखबिरी के नाम से टारगेट कर हत्या की गई है।

पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार आपको भी नक्सली टारगेट कर किसी अप्रिय घटना घटित कर सकते हैं। अत: आप दूरस्थ अंदरुनी क्षेत्रों में न रहकर किसी सुरक्षित स्थल या रिश्तेदार के यहां चले जाएं और किसी भी तरह की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना देंवे। ताकि पुलिस आपकी सुरक्षा कर सकें।

सतर्कता बरती जा रही है

जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। उन्हें एक तरह से अलर्ट करने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों पर मुखबिरी का झूठा आरोप लगाकर टारगेट किया जा रहा है। इसी के चलते सतर्कता बरती जा रही है।

डी. श्रवण, पुलिस अधीक्षक

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