पंचायत समीक्षा

BIG NEWS :छत्तीसगढ़ आएंगे राकेश टिकैत, किसान-मजदूर महासंघ के संयोजकों ने किया आमंत्रित.. जानें किन जिलों में होगा आयोजन

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रायपुर।।दिल्ली की सीमाओं पर घेरा डालकर बैठे किसान नेताओं का जमावड़ा अगले महीने छत्तीसगढ़ में होगा। छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ ने 28 सितंबर को प्रस्तावित किसान महापंचायत के लिए किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत को आमंत्रित किया है। उनके साथ योगेंद्र यादव, दर्शन पाल, मेधा पाटकर और डॉ. सुनीलम का भी आना तय हुआ है।

24 और 25 अगस्त को सिंघू बॉर्डर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में छत्तीसगढ़ से प्रतिनिधि के तौर पर छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के संचालक मंडल सदस्य तेजराम विद्रोही, जागेश्वर जुगनू चंद्राकर, गोविंद चंद्राकर, पंकज चंद्राकर ने भाग लिया और संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं राकेश टिकैत, डॉ. दर्शन पाल, योगेंद्र यादव, मेधा पाटकर, डॉ. सुनीलम से मिलकर राजिम के किसान महापंचायत के लिए आमंत्रित किया।

किसान नेताओं ने छत्तीसगढ़ आने की सहमति दे दी है। तेजराम विद्रोही ने बताया, कृषि विशेषज्ञ देविंदर शर्मा को आमंत्रित करने की भी बातचीत चल रही है। जल्दी ही उनके कार्यक्रम को भी अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

योगेंद्र यादव को किसान महापंचायत का आमंत्रण देते छत्तीसगढ़ के किसान नेता

छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ संचालक मंडल के सदस्य तेजराम विद्रोही ने बताया, दिल्ली सीमाओं पर किसान, कृषि और आम उपभोक्ता की आजीविका तथा अस्तित्व को बचाने का संघर्ष जारी है। इस आंदोलन ने केंद्र सरकार के उस झूठ का पूरी तरह से पर्दाफाश किया है जिसमे सरकार कहती है कि MSP था, है और रहेगा।

सच्चाई यह है कि छत्तीसगढ़ में 14 क्विंटल 80 किलो प्रति एकड़ समर्थन मूल्य में तीन महीने खरीदी होने के बाद बाकी फसल को किसान औने-पौने दाम पर खुले बाजार में बेचने मजबूर होते हैं। कृषि लागत की तुलना में किसानों को उनके उपज का लाभकारी दाम नहीं मिल पाता है। रबी फसल के धान को किसानों ने समर्थन मूल्य से 600 रुपए प्रति क्विंटल घाटे में बेचा है। ऐसे समय में किसान महापंचायत के आयोजन से किसानों को अपने अधिकार के लिए संघर्ष को और मजबूत करने की दिशा में प्रेरित करना है। तेजराम विद्रोही ने बताया, 28 सितंबर को गरियाबंद जिले के राजिम में आयोजित किसान महापंचायत प्रस्तावित है।

चार जिलों का जंक्शन पॉइंट है आयोजन स्थल

तेजराम विद्रोही ने बताया, राजिम को इसलिए चुना गया है कि वह चार जिलों गरियाबंद, महासमुंद, धमतरी और रायपुर का जंक्शन है। दूसरे जिलों के किसान भी यहां आसानी से पहुंच सकते हैं। महापंचायत की तैयारियों के लिए अगले कुछ दिनों में संयोजकों की एक बैठक होनी है।

महापंचायत के लिए 10 सदस्यीय समिति भी बनी

किसान महापंचायत की तैयारी और संचालन के लिए महासंघ ने एक 10 सदस्यीय समिति बनाई है। इसमें महासमुंद जिले से जागेश्वर जुगनू चंद्राकर, गोविंद चंद्राकार, गरियाबंद से मदन लाल साहू, तेजराम विद्रोही, धमतरी से शत्रुघन साहू, टिकेश्वर साहू और रायपुर से पारसनाथ साहू, विश्वजीत हारोडे, हेमंत टंडन, गौतम बंद्योपाध्याय आदि को शामिल किया गया है।

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